कुछ प्रकार के मानव व्यवहार ऐसे होते हैं| जिसकी कानून इजाजत नहीं देता। ऐसे व्यवहार करने पर किसी व्यक्ति को उनके परिणामों का सामना करना पड़ता है। खराब व्यवहार को अपराध या गुनाह कहते हैं| और इसके परिणाम को दंड कहा जाता है। जिन व्यवहारों को अपराध माना जाता है |उनके बारे में और हर अपराध से संबंधित दंड के बारे में ब्योरा मुख्यतया आइपीसी में दिया गया है|
अधिकारों की लडाई के लिए जन साधारण को कानून की जानकारी होना आवश्यक है |
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मंगलवार, 25 अगस्त 2020
Crime (अपराध)
अपराध (crime) ----
- दंडाभियोग समाजविरोधी क्रिया है;|
- समाज द्वारा निर्धारित आचरण का उल्लंघन या उसकी अवहेलना दंडाभियोग है;|
- यह ऐसी क्रिया या क्रिया में त्रुटि है, जिसके लिये दोषी व्यक्ति को कानून द्वारा निर्धारित दंड दिया जाता है।अर्थात अपराध कानूनी नियमो कानूनों के उल्लंघन करने की नकारात्मक प्रक्रिया है जिससे समाज के तत्वों का विनाश होता है ।
अर्थात कहा जा सकता है| कि अपराध हर वह विषय वस्तु है| जिसके द्वारा सामाजिक दायित्वों का उल्लंघन किया जाए|
अक्शर लोग सोचते हैं | कि अपराध केवल हत्या डकैती अपहरण लूट बलात्कार को ही कहते हैं| स्पष्ट करता चलूं कि अगर आप मोटरसाइकिल से चलते हैं |और सिग्नल तोड़ते हैं|तो वह भी अपराध की श्रेणी में आता है |लेकिन अगर आप मोटरसाइकिल चलाते समय किसी व्यक्ति से एक्सीडेंट कर देते हैं | तो वह अपराध की श्रेणी में इसलिए नहीं आता है| क्योंकि आपने जानबूझकर एक्सीडेंट नहीं किया है|
आशा है आपको पसंद आया होगा
दंड प्रक्रिया संहिता1973(code of criminal procedure 1973
दण्ड प्रक्रिया संहिता, १९७३ (Code of Criminal Procedure, 1973) भारत में आपराधिक कानून के क्रियान्यवन के लिये मुख्य कानून है। यह सन् १९७३ में पारित हुआ तथा १ अप्रैल १९७४ से लागू हुआ। 'सीआरपीसी' दंड प्रक्रिया संहिता का संक्षिप्त नाम है। जब कोई अपराध किया जाता है तो सदैव दो प्रक्रियाएं होती हैं| जिन्हें पुलिस अपराध की जांच करने में अपनाती है। एक प्रक्रिया पीड़ित के संबंध में और दूसरी आरोपी के संबंध में होती है। सीआरपीसी में इन प्रक्रियाओं का ब्योरा दिया गया है।
जब कोई अपराध किया जाता है| तो सदैव दो प्रक्रियाएं होती हैं| जिन्हें पुलिस अपराध की जांच करने में अपनाती है। एक प्रक्रिया पीड़ित के संबंध में और दूसरी आरोपी के संबंध में होती है। सीआरपीसी में इन दोनों प्रकार की प्रक्रियाओं का ब्योरा दिया गया है।दंड प्रक्रिया संहिता के द्वारा ही अपराधी को दंड दिया जाता है !
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