शनिवार, 29 अगस्त 2020

क्रास केस क्या है ? क्रास केस की शिकायत कैसे करें? अगर पुलिस क्रास केस न करें तो कोर्ट द्वारा कैसे किया जाए?

  • क्रॉस केस क्या है?-- 
जब दो पक्ष एक दूसरे पर एफ आई आर रजिस्टर्ड करवाते हैं| ऐसे केसों को क्रास केस कहा जाता है| 
विस्तार से समझने के लिए अगर अमित ने एक एफ आई आर सोहन के खिलाफ दर्ज करवाई है| और बाद में सोहन उसी प्रकरण का f.i.r. अमित के खिलाफ दर्ज करा दे तो ऐसे मामलों को क्रास केस कहा जाता है|

  • क्रास केस की शिकायत कैसे करें  ? 

पुलिस थाने के अंदर आपके एप्लीकेशन पर ही क्रास केस दर्ज कर दे तो अच्छा है| नहीं तो पुलिस ज्यादातर मामलों में टालमटोल कर देती है| ऐसे में हमें यह जानकारी होना बहुत जरूरी है| कि आगे के क्या  रास्ते होते हैं |तो आइए जानते हैं| सबसे पहले हमें अगर संभव हो तो 112 नंबर पर कॉल करनी चाहिए| और उसके बाद इंस्पेक्टर से ऊपर किसी भी अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए  अगर इंस्वपेक्हांटर नहीं सुन रहा तो | शिकायत ऑनलाइन ऑफलाइन हो सकती है |और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की  हमें  अपना मेडिकल करवा लेना चाहिए ताकि भविष्य में अगर जरूरत पड़े तो कोर्ट से क्रास केस  कराया जा सके|

मित्रों मेडिकल की बात करें तो यह एक महत्वपूर्ण कड़ी है |इस लिए इस्पे विशेष बात करते हैं | अगर पुलिस आपका मेडिकल नहीं करा रही है| तो आप पुलिस के सीनियर ऑफिसर से शिकायत करके अपना मेडिकल करवा सकते हैं| अगर सीनियर ऑफिसर भी आपकी बात नहीं सुनते हैं| और अगले पक्ष का मेडिकल करवा लिया जाता है| और आपका   मेडिकल नहीं कराया जाता है | तो आप अपना प्राइवेट मेडिकल करवा सकते हैं|

मेडिकल कराना मित्रों बहुत जरूरी है क्योंकि कोट सबूतों के आधार पर ही सजा सुनाती है तो अगर आप को गंभीर चोटें नाभि आई हो तब भी आप अपना  मेडिकल करवा सकते हैं| अगर आपका स्कीन लाल भी हो या सुजन हो तब भी आपका मेडिकल हो सकता है |
  • अगर पोलिष क्रास केस न करें तो  कोर्ट द्वारा  क्रास केस कैसे किया जाए ?

अगर आपकी पुलिस नहीं सुने, और सीनियर अधिकारी भी आपकी बात नहीं सुन रहे हैं| तो आप कोर्ट में जाकर धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत  कोर्ट के माध्यम से केस दर्ज करा सकते हैं |अगर आप शिकायत में अपनी बात कहते हैं और मेडिकल रिपोर्ट भी लगाते हैं |तो अगर कोर्ट को लगे कि आपकी बात और तथ्यों में सच्चाई है |तो वह संबंधित पुलिस थाने को एफ आई आर दर्ज करने का आदेश दे सकती है|

  • क्रास केस करने की समय सीमा क्या है ?-

वैसे तो क्रिमिनल केस करने की कोई समय सीमा नहीं होती है| लेकिन फिर भी जब सामने वाले की ऍफ़  आई आर दर्ज हो गई हो| तो बिना देरी किए अपनी एफ आई आर दर्ज करा लेनी चाहिए| 
और इस तथ्य को नहीं भूलना चाहिए की देरी  करना नुकसानदेह होता है|

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