मंगलवार, 25 अगस्त 2020

प्रस्तावना (PREAMBLE

 हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न,

 समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को :

 सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय ,

विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,

प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा,

उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढाने के लिए,

दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई0(मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी ,संवत दो हजार छह विक्रम ) को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं | 


सर अल्लादि  कृष्णस्वामी अय्यर के अनुसार "संविधान की प्रस्तावना हमारे दीर्घकालिक सपनों का विचार है " बताता चलू की इन महोदय ने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है 


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